क्या आप जानते हैं ? (पुरालेख)
- बीएचईएल ने 1970 में उत्तर प्रदेश में 3x33 मेगावाट ओबरा पावर हाउस के लिए पहला हाइड्रो जनरेटिंग सेट बनाया और कमीशन (चालू) किया
- बीएचईएल भारत के हाइड्रो सेगमेंट में अग्रणी है। बीएचईएल के पास भारत में कमीशन किए गए 400 से अधिक हाइड्रोइलेक्ट्रिक सेटों के पोर्टफोलियो सहित इस क्षेत्र में 5 दशकों से अधिक का अनुभव है।
- बीएचईएल देश में पावर ट्रांसफार्मर और इलेक्ट्रिकल एसी मशीनों का सबसे बड़ा निर्माता और आपूर्तिकर्ता है।
- बीएचईएल ने भोपाल संयंत्र में 9000 एचपी इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए पहली उच्चतम हॉर्स पावर 1192 किलोवाट 3 फेज एसिंक्रोनस ट्रैक्शन मोटर टाइप स्वदेशी रूप से विकसित की।
- बीएचईएल ने अल्ट्रा फिल्ट्रेशन आधारित देश के सबसे बड़े रॉ वाटर ट्रीटमैंट संयंत्र (आरडब्ल्यूटीपी) में से एक 4000 एम3/घंटा क्षमता वाला संयंत्र ओएनजीसी पेट्रो एडिशंस लिमिटेड (ओपीएएल) के दाहेज, गुजरात में सफलतापूर्वक कमीशन (चालू) किया है।
- बीएचईएल एकमात्र भारतीय कंपनी है जिसने भारतीय परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए टर्बाइनों की आपूर्ति की है।
- बीएचईएल को एनपीसीआईएल द्वारा 6x700 मेगावाटई टीजी आइलैंड के निर्माण का ईपीसी आधार पर ऑर्डर दिया गया है। यह स्वदेशी रूप से विकसित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए परमाणु खंड में भारत का अब तक का सबसे बड़ा एकल ऑर्डर है।
- बीएचईएल को अपने अनुसंधान एवं विकास केंद्र, हैदराबाद में तीन अलग-अलग बैटरी केमिस्ट्री वाले 1 मेगावाट बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) को क्रियान्वित करने हेतु "भारत में शीर्ष कॉर्पोरेट उत्कृष्टता परियोजनाओं" श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित "स्कॉच अवार्ड" से सम्मानित किया गया था।
- बीएचईएल ने एनसीटी दिल्ली में संचयी 410 किलोवाट बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाने के लिए पहली बार ऑर्डर प्राप्त किया - वितरण स्तर पर बीईएसएस एकीकरण की आवश्यकता वाली अपनी तरह की पहली निविदा थी।
- बीएचईएल, रामचंद्रपुरम हैदराबाद इकाई द्वारा जापान की गुणवत्ता चक्रों की सफलता के आधार पर भारत में पहली बार गुणवत्ता चक्र की अवधारणा 1981 में प्रस्तुत की थी।
पिछले पृष्ठ मे वापस जाएं | पृष्ठ अंतिम अद्यतन तिथि : 26-03-2022